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दादा जी की तीन बाते क्या थी What were the three things of grandfather

 दादा जी की तीन बाते क्या थी (What  ware the three things of grandfather)

Lifeappki

बहुत समय पहले प्रतापगढ़  में एक सेठअपने पोते के साथ रहता था उसका नाम रामकिशन  था सेठ रामकिशन ने अपनी कार्यकुशलता और बुद्विमानी से काफी धन अर्जित किया पर उसका पोता  रामहरि अपने दादा के व्यपार में बिल्कुल रूचि नहीं लेता था और पैसा यहाँ वहाँ  बर्बाद करता था  जिसके कारण उसके दादा जी बहुत परेशान रहते थे रामहरि को व्यापार को किस तरह से किया जाता  समझ नहीं पाया उसी से सेठ रामकिशन बहुत चिंतित रहता था उसके मरने के बाद व्यापार का क्या होगा 

एक बार रामकिशन बहुत बीमार हो गया उसने अनुभव किया की वह अब उसका बचना मुश्किल है तो उसने अपने पोते रामहरि को बुलाकर कर कहा -बेटा जो धन मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कमाया है आज तक जो भी अपने लिए बनाया  है वो सब तुम्हारा है तुम उसे संभाल कर रखोगे  तो तुम हमेशा खुशी रहोगे 

दादा की यह बात सुनकर रामहरि बोला इसके लिए मुझे क्या करना होगा।  सेठ रामकिशन ने कहा -बीटा मेरी तीन बातो को अगर तुम मानोगे तो तुम्हे व्यापार में कभी नुकसान  नहीं होगा और तुम्हारा धन भी बढ़ता  रहेगा 

रामहरि ने बोलै वह कौन सी बाते है सेठ रामकिशन ने बताया -

. पहली बात यह है की व्यापर के लिए हमेशा छाया में जाना और छाया में आना

दूसरी बात यह है की हमेशा मीठा ही खाना 

तीसरी बात और अंतिम सलाह यह है की किसी को कुछ दे कर मांगना नहीं 

इतना कहने बाद रामकिशन परलोक सिधार  गए  जब दादा का क्रियाकर्म समाप्त हो गया तो एक दिन रामहरि अपने नौकर को बुलाकर आदेश दिया की घर से दुकान तक का रास्ता टीन की चादरों से ढक दो जिससे मै  दुकान

 छाया में आये जाए नौकर ने रामहरि के आदेश का तुरंत पालन किया और रास्ते को ढक  दिया अब रामहरि उसी टीन की छाँव में घर से दूकान तक आने जाने लगा ,वह खाने में महँगी से महँगी  मिठाईया खाने लगा तीसरी सलाह

 यह थी की किसी को देकर मांगना नहीं व्यापार में जिन्हे सामान उधार देता ,उनसे पैसे मांगने नहीं जाता इस तरह कुछ दिनों में ही उसकी आर्थिक स्थिति बहुत ख़राब हो गई ,अधिक मिठाईया खाने से पेट भी गड़बड़ रहने लगा

 स्वस्थ भी ठीक न रहता नौबत यह आयी की दादा के द्वारा अर्जित सारा धन रामहरि गँवा बैठा। एक दी रामहरि अपने घर के समाने उदास बैठा था एक  बूढ़ा व्यक्ति उधर से निकला। बूढ़ा व्यक्ति ने उसे उदास देखकर पूछा तुम

 इतने उदास क्यों बताओ मै तुम्हरी कुछ मदद कर सकू बूढ़े व्यक्ति से सहनभूति की बात सुनकर रामहरि बोला -मेरे दादा जी ने मरते समय तीन सलाह दी थी पहली बात यह है की व्यापर के लिए हमेशा छाया में जाना और छाया

 में आना दूसरी बात यह पहली बात यह है की व्यापर के लिए हमेशा छाया में जाना और छाया में आनादूसरी बात यह है की हमेशा मीठा ही खाना तीसरी बात और अंतिम सलाह यह है की किसी को कुछ दे कर मांगना नहीं  है की

 हमेशा मीठा ही खाना तीसरी बात और अंतिम सलाह यह है की किसी को कुछ दे कर मांगना नहीं।मैंने उन्ही की सलाह पर चलकर इस स्थिति में पंहुचा हु की आज मेरे परिवार को खाने के लाले पड़े हुए है पहनने की लिए वस्त्र

 भी नहीं है रामहरि की बाते सुनकर बूढ़ा व्यक्ति हंसा और बोला मुर्ख तूने अपने दादा की बातो का बहुत अच्छा अर्थ लगाया बूढ़े व्यक्ति की यह व्यंग्य रामहरि को अच्छा नहीं लगा उसने  सोचा  की यह कैसा व्यक्ति  है दुसरो की पीड़ा

 कम करने वजह मजाक उड़ा रहा है फिर भी स्वयं पर  नियंत्रण   रखकर पूछा -मेरे दादा जी की बातो का क्या अर्थ था  बूढ़ा व्यक्ति बोलै मुर्ख - तुम्हारे दादा ने छाया में जाना और छाया में आना इसका अर्थ है की अपनी दूकान पर

 सुबह ही चले जाना और शाम होने पर ही वापस आना  हमेशा मीठा खाने का अर्थ है की सदा संतोष रूपी  मीठा फल कहना जितना मिले उतने खुश रहना  ,किसी को देकर मांगने न जाने अर्थ है की व्यापार  किसी को उधार देना

 तो उसके बदले   उसकी कोई चीज गिरवी जरूर रख लेना  जिससे तुम्हे पैसा वापस मांगने नहीं जाना पड़े बल्कि उधार लेने  स्वयं ही अपनी चीज छुड़ाने के लिए तुम्हारे पास आये इतना कहकर बड़ा व्यक्ति -अगर तुमने अपने

 दादा  बातो का सही अर्थ लगाते तो तुम्हे यह दिन नहीं देखने पड़ते। अब रामहरि अपने दादा की बातो का गूढ़ रहस्य जान गया वह उसी पर पौंआ चलने लगा कुछ ही दिनों में ही उसके व्यापार में दिन दूना रात चौगुना लाभ होने लगा वह अपने दादा की तरह धनवान सेठ बन गया 

इस कहानी में यही  बताया गया है कोई भी काम करो चाहे जो भी लेकिन आपको सारा ज्ञान होना जरूरी होता है जब हमारे बड़े हमेशा सही रह की तरफ हमें डालने की कोशिश करते है की हम अपना सारा जीवन अच्छे से वीते    माँ बाप का बनाया हुआ धन की कीमत समझे की उन्होंने कैसे यह धन अर्जित किया हम ऐसे ही इन्हे खर्चा कर देते है खर्चा करो लेकिन अपनी मेहनत से  अगर ये कहनी से आपको कोई  सिख मिली तो आप मुझे कमेंट करे 

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